पढाई वोह लोग करते है , जो आज के ज़माने में पैसा है , मतलब यह है की , आज भारत देश की रोज की रोज दुर्गति होती जा रही है , की इन छोटे शब्दों में कहना मुश्किल है | आज हमारे देश में दसवी कक्षा तक पढाई के बाद किसान का लड़का जो है अपने पढाई का लक्ष्य दूर कर देता है , इसका जिम्मेदार भी पैसा है , फिर वह लड़का जो है अपनी पढाई छोडकर किसी शहर में जाकर बस जाता है , और वंहा पर किसी सेठ के पास जाकर उसकी गुलामी करता है वही ३००० से ४००० रुपये में | आपको सभी को पता है की ३ से ४००० रुपये में आज की महंगाई से क्या होनेवाला है | हमारे जो देश की सरकार जो है एकदम शर्मनाक बन गयी है | स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए उपर जो सेंट्रल है वंहा से साल में करोडो रुपये खर्च करने का ऐलान करती है | वह रुपये तो वंहा से निकल जाते है | पर हमारे विद्यार्थियों तक आने तक एक फूटी कावाड़ी भी नहीं बचती है | ऐसे मौके पर क्या किया जाये ऐसा कोई नहीं सोचता है , अगर कोई सोचता है तो उसे अपनी जान देनी पड़ती है क्यूँ की पुरे राष्ट्र में आतंक फैला है , आतंक है झूट का , आतंक है उस ब्रुह्ष्ट सरकार का , आतंक है जो उस पैसेवाले रईस और खानदानी लोगो का , की हमारे गरीब बच्चे इस हालत में है , आज उन्हें खाने - पिने की चिंता पड़ी रहती है
